लोकतंत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और पारदर्शी बनायेगा चुनाव आयोग का अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण


भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में चलाए जा रहे  विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विधायक प्रदीप प्रसाद ने लोकतंत्र को निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह SIR केवल मतदाता सूची का तकनीकी परीक्षण नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को सुरक्षित करने की एक मजबूत पहल है। इससे अवैध घुसपैठियों और पश्चिम बंगाल में फर्जी मतदाता सूची के दुष्प्रभावों को दूर करने की दिशा में महपूर्ण अभियान है। 

उन्होंने कहा कि बंगाल की वीर भूमि सदैव लोकतंत्र, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए अग्रणी रही है। फर्जी वोटरों, घुसपैठ और अनधिकृत जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न चुनौतियाँ न केवल संसाधनों पर दबाव बढ़ाती हैं बल्कि रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डालती हैं। SIR इन सभी दुष्प्रभावों को दूर करने का एक सटीक और प्रभावी माध्यम है।

विधायक प्रसाद ने निर्वाचन आयोग के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हुए सभी नागरिकों, अधिकारीगणों एवं BLO साथियों से राष्ट्रीय भावना के साथ इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। एक स्वच्छ एवं सटीक मतदाता सूची ही एक मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है। हमें इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए अपनी भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभानी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा यह वही पवित्र धरती है जहाँ से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, खुदीराम बोस, बिपिन चन्द्र पाल, प्रफुल्ल चाकी, बीना दास, शरद चन्द्र दास जैसे महान क्रांतिकारी राष्ट्र के लिए उठ खड़े हुए। इसी भूमि से बंकिम चन्द्र चटर्जी ने ‘वंदे मातरम्’ जैसी अमर रचना दी जिसने देश को स्वतंत्रता के आंदोलन में एकजुट किया। जिसकी "सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम" की गूँज आज भी पूरे देश में है। हमें उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेकर SIR प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करना चाहिए।

विधायक ने यह भी कहा कि एक भारतीय होने के नाते मैं स्वयं इस प्रक्रिया में जहाँ भी आवश्यकता होगी, एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में आपके साथ खड़ा रहूँगा। यह केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से इस ऐतिहासिक पहल को राष्ट्रहित का कार्य मानते हुए सक्रिय भागीदारी की अपील की।