पहली बार के विधायकों में प्रदीप प्रसाद शीर्ष पर, 46 सवाल उठाकर बने जनता की मजबूत आवाज


पहली बार सदन पहुंचे विधायकों में अपनी सक्रिय उपस्थिति से अलग पहचान बना चुके हजारीबाग क्षेत्र के विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा सत्रों में कुल 46 सवाल उठाकर राज्य के प्रथम-टर्म विधायकों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ सदन में उनकी सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि जनता के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उनकी प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट करती है।

प्रदीप प्रसाद अपने पूरे कार्यकाल में एक संवेदनशील, जमीनी और जनमुखी जनप्रतिनिधि के रूप में उभरे हैं। विधायक बनने के बाद से उन्होंने समाज की सेवा को अपने कार्य का मूल उद्देश्य मानते हुए लगातार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा किया, लोगों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित विभागों के समक्ष उन्हें मजबूती से रखा।

सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और किसानों की परेशानियों जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर उन्होंने बार-बार विधानसभा का ध्यान आकर्षित किया है।

उन्होंने विकास कार्यों में गति लाने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों और निरीक्षणों के माध्यम से क्षेत्र की योजनाओं को धरातल पर उतारने की पहल की। गरीबों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी है। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि वे सदन के बाहर भी सक्रिय रहते हुए लगातार जनता से संवाद बनाए रखते हैं।विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि उन्हें क्षेत्र की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा, पहली बार सदन में पहुंचने के बाद मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई। मेरा प्रयास हमेशा यह रहा है कि जनता की छोटी-बड़ी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए। 

सदन में उठाए गए 46 सवाल मेरे क्षेत्र के विकास और जनहित के प्रति मेरी निष्ठा का प्रतीक हैं। मैं आगे भी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करता रहूंगा अपने सरल और सौम्य व्यवहार, कार्य के प्रति निष्ठा और जनता के प्रति समर्पण की वजह से प्रदीप प्रसाद आज एक विश्वसनीय और सक्रिय नेता के रूप में व्यापक पहचान बना चुके हैं। उनके प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र में दिखने लगा है और जनसाधारण में उनके कार्यों को लेकर संतोष और विश्वास दोनों बढ़ा है।