मारवाड़ी युवा मंच हजारीबाग शाखा द्वारा छठ व्रतियों की सेवा में समर्पित विशेष स्टॉल का आयोजन


हजारीबाग - लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच हजारीबाग शाखा के तत्वावधान में इस वर्ष भी हर बार की तरह श्रद्धालुओं और छठ व्रतियों की सेवा के लिए खजांची तालाब के निकट एक विशेष सेवा स्टॉल का आयोजन किया गया। इस स्टॉल पर संध्या के अर्घ्य के समय व्रतियों को दूध का वितरण किया गया, वही श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए चाय एवं बिस्कुट की निःशुल्क व्यवस्था की गई। मंच के दर्जनों कार्यकर्ता पूरे समर्पण और श्रद्धा के साथ सेवा में जुटे रहे, जिससे घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली। कार्यक्रम में बताओ मुख्य अतिथि के रूप में रांची से चलकर हजारीबाग पधारे प्रांत उपमंडल एक के उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एक बेहतर संदेश देते हैं जो हर किसी को मनोरम और अद्भुत करताहै। हमारे देश में अनेकों त्योहार और पर्व मनाए जाते हैं परंतु छठ एक पर्व नहीं लोक आस्था का महापर्व कहलाता है इसी बात से इस पर्व की खासियत और भी दुगनी हो जाती है।

मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष अनिकेत जैन ने कहा कि छठ महापर्व हमारी संस्कृति और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे लिए एक सौभाग्य और पुनीत कर्तव्य है। मंच का उद्देश्य सदैव समाजसेवा के माध्यम से लोगों की सुविधा और सहयोग सुनिश्चित करना रहा है। आने वाले वर्षों में भी मंच इसी तरह सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाता रहेगा। मंच के सचिव लखन खण्डेलवाल ने बताया कि यह सेवा शिविर मंच द्वारा लगातार कई वर्षों से लगाया जा रहा है। इसमें हर बार युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ती जा रही है, जिससे समाज में सेवा और सहयोग की भावना मजबूत हो रही है। मंच के सभी सदस्यों ने तन, मन और धन से इस कार्य में योगदान दिया। कोषाध्यक्ष सीए बादल गोयल ने कहा कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मंच की इस पहल की भरपूर सराहना की और सहयोग दिया। समाज का यह सहयोग ही मंच के लिए सबसे बड़ा प्रोत्साहन है, जो हमें निरंतर सेवा कार्यों की ओर प्रेरित करता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने मारवाड़ी युवा मंच की इस सेवा भावना की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजन से पर्व की पवित्रता और सामाजिक एकता की भावना और भी प्रबल होती है। मंच के सदस्यों ने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह के सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि समाज में सहयोग, समर्पण और एकजुटता का संदेश प्रसारित होता रहे।