ईद का त्यौहार और कोरोनावायरस के संक्रमण के मद्देनजर शनिवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में सूचना भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुस्लिम समाज के कई धर्मगुरु और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
बैठक को संबोधित करते हुए सदर एसडीएम ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की आवश्यकता है। इस संबंध में मुस्लिम समाज के धर्मगुरु व गणमान्य व्यक्तियों की महती जिम्मेवारी है कि वे घर-मुहल्लों मेंं शहर के बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी जिला प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं ताकि उन सबों की स्वास्थ्य जांच कर समुचित चिकित्सा व्यवस्था का प्रबंध हो सके।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम धर्मावलंबियों के ईद पर्व आगामी 25-26 मई को मनाए जाने की संभावना को देखते हुए ज़िला प्रशासन, हज़ारीबाग की ओर से अपील है कि सभी मुस्लिम भाई ईद पर्व को अपने-अपने घरों पर ही मनाएं। सामाजिक दूरी एवं लॉक डाउन का पालन करें। अनावश्यक रूप से घरों से बाहर ना निकले। सभी प्रकार के सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान, आयोजनों पर पाबंदी लागू है। किसी भी प्रकार के बाजार या मेला लगाने की अनुमति नहीं है।
रात्रि 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक जिला में निषेधाज्ञा लागू है। पूरे जिले में धारा 144 लागू किया गया है।
ईद पर्व पर लोग शांतिपूर्वक संयमित होकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में ईद का पर्व मनाए। जिला में बढ़ते कोरोना संक्रमण की आशंकाओं के मद्देनजर भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें तथा सामाजिक दूरी बनाकर कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें।
बैठक में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हजारीबाग, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, एसडीपीओ बड़कागांव, डॉ जफरुल्लाह सादिक, इरफान अहमद, संजर मलिक, राजू खान, रजी अहमद, शमीम बिहारी सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।
ईद के मद्देनजर विभिन्न मस्जिदों के मौलानाओं ने लोगों से की अपील
जामा मस्जिद हजारीबाग के मौलाना अब्दुल जलील सादी, मदीना मस्जिद ग्वालटोली के मौलाना गुलाम वारिस तथा इंद्रपुरी मस्जिद नवाबगंज के मौलाना शकील उर रहमान कासमी ने लोगों से अपील की है कि वे ईद की नमाज अपने-अपने घरों मेंं अदा करें और सौहार्द पूर्वक माहौल में ईद का त्यौहार मनाएं। विभिन्न मस्जिदों में व्यवस्था से जुड़े लोग ही ईद की नमाज पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सेहत की हिफाजत भी जरूरी है इसलिए हर हाल में जान की हिफाजत करते हुए अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा करें और सरकार के निर्देशों का पालन करें।

