हूल दिवस पर झामुमो ने सिद्धू-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, शहादत को बताया जल, जंगल और जमीन की लड़ाई का प्रतीक


हजारीबाग: हूल दिवस के अवसर पर सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संताल हूल के महानायक सिद्धू-कान्हू के बलिदान को याद करते हुए उनके संघर्ष को जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा की ऐतिहासिक लड़ाई बताया।

इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि सिद्धू-कान्हू ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ जो बिगुल फूंका था, वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि हूल केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि अन्याय, शोषण और दमन के विरुद्ध स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई थी। आज भी उनके आदर्श समाज को न्याय और समानता का संदेश देते हैं।

झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि सिद्धू-कान्हू की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन और संघर्षों को जानने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

केंद्रीय सदस्य विकास राणा ने कहा कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और संघर्षों को याद करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, वह आज भी समाज को संघर्ष और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है।

जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने कहा कि सिद्धू-कान्हू का आंदोलन केवल संताल समाज तक सीमित नहीं था, बल्कि यह शोषण के खिलाफ व्यापक जनप्रतिरोध का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा शहीदों के सपनों के अनुरूप सामाजिक न्याय, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि हूल दिवस हमें अपने महापुरुषों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का अवसर देता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद सिद्धू-कान्हू के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, दीपक राय, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश नारायण दास, सत्येंद्र मेहता, नवीन प्रकाश, निसार अहमद, मो. खलील, सुधीर पांडेय, आनंद सिंह समेत झारखंड मुक्ति मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।