इचाक में पत्रकारों से मारपीट पर बढ़ा विवाद, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन


इचाक। हजारीबाग में दो युवतियों और एक युवक की हत्या के चर्चित मामले के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सोमवार को इचाक प्रखंड के पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम बीडीओ संतोष कुमार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की।

ज्ञापन में पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि मंत्री के हजारीबाग अस्पताल पहुंचने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। सबसे गंभीर बात यह बताई गई कि घटना के समय मंत्री स्वयं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने या पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।

पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया भी संवेदनहीन रहा। उन्होंने न तो मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया और न ही पत्रकारों के प्रति सहानुभूति दिखाई। इसको लेकर ज्ञापन में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने तथा सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग भी उठाई गई है।

प्रेस क्लब इचाक के अध्यक्ष अनिल राणा ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिव गणेश कुमार प्रजापति, संरक्षक रामशरण शर्मा,अभिषेक कुमार, महेश कुमार मेहता, रंजीत मेहता, राम अवतार स्वर्णकार, सूरज कुमार, सुशांत सोनी, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।